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मुस्लिम तुष्टिकरण एवं हिन्दुओं के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार के विरुद्ध न्याय की मांग

सेवा में,
1. श्री नरेंद्र मोदी जी
    प्रधानमंत्री भारत सरकार
    साउथ ब्लॉक, नई दिल्ली

2. श्री अमित शाह जी
     गृह मंत्री भारत सरकार
     नॉर्थ ब्लॉक, नई दिल्ली

3. श्री मोहन भागवत जी
     सरसंघचालक,
     राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ,
     रेशमबाग, नागपुर (महाराष्ट्र)

विषय : मुस्लिम तुष्टिकरण एवं हिंदुओं के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार के विरुद्ध न्याय की मांग

महोदय,
मैं आपका ध्यान उपरोक्त संदर्भ में आकृष्ट कराना चाहता हूं, जो निम्नलिखित है:-
* दिल्ली सरकार द्वारा मुस्लिमों के पर्व यथा रमजान, ईद, बकरीद के मौके पर सरकारी खर्च पर इफ्तार पार्टी एवम बड़े - बड़े विज्ञापन के माध्यम से मुस्लिम तुष्टीकरण को बढ़ावा।
2. मुस्लिम बाहुल्य इलाके में कानून तोड़ने की घटना एवं संदिग्ध आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्तता, लव जेहाद हिंदू उत्पीड़न में वृद्धि तथा चिंताजनक स्थिति के मद्देनजर सख्त मॉनिटरिंग की आवश्यकता।
3.  भारत में इस्लामी कट्टरवाद के खिलाफ श्रीलंका एवम चीन की सरकार  के निर्णय की भांति कार्यवाही की मांग।

4. दिल्ली में जामा मस्जिद के इमाम बुखारी पर लाखों के बकाए बिजली बिल की वसूली नहीं होने, कई गंभीर मुकदमें एवं नॉन बेलेबल वारंट के बाबजूद गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई?

5. जेलों में बंद कैदियों  ( सजायाफ्ता व आरोपी)में  सर्वाधिक मुस्लिम हैं जो हिंदू कैदियों का मानसिक, शारीरिक आर्थिक उत्पीड़न कर रहे हैं।

6. सरकारी जमीन कब्जा करके अवैध मस्जिद, मजार, कब्रिस्तान निर्माण की घटना में वृद्धि परंतु पुलिस प्रशासन मौन हैं। इस संदर्भ में उच्च न्यायालय, सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का क्रियान्वयन क्यों नहीं हो रहा?

7. हिन्दुस्थान का साम्राज्य इंडोनेशिया से अफगानिस्तान तक फैला था पर आज हम खंड खंड हो चुके हैं और हिंदू समाज गाता है कि "कभी मिटती नहीं हस्ती हमारी"

8. वर्ष 1947 में भारत में मदरसों की संख्या मात्र 284 थी,जो वर्ष 2019 में बढ़कर 42348 हो चुकी है। वर्ष 1947 में गुरुकुल की संख्या 39567 थी जो वर्ष 2019 में 34 पर सिमट गई है। इस परिवर्तन का मूल कारण कांग्रेस शासनकाल में किया गया इस्लामीकरण और हिंदुओं को धीरे- धीरे खत्म करने का षडयंत्र  किया गया।

9. मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के नौगांव में भी इंसानियत शर्मसार हुई है।वहां रफीक खान ने नाबालिग युवती साक्षी साहू को घर में घुसकर जिंदा जलाया। ऐसा लगता है आसिफा के नाम पर राजनीति चमकानेवाले तख्ती गैंग का कागज खत्म हो गया।

10. दिल्ली के खुरेजी और लालकुआं की घटना हिन्दुओं के अस्तित्व की समाप्ति की मुनादी है? अब उपयुक्त कहावत है - मजहब ही सिखाता है आपस में बैर रखना। इसका सबसे बड़ा उदाहरण दिल्ली में अल्लाहू अकबर का नारा लगाकर मंदिर को तोड़े जाने की साजिश का पर्दाफाश आवश्यक है। दिल्ली में हुई इस घटना का खुलकर विरोध हो रहा है, हिंदुओं में आक्रोश पनप रहा है। आज  चावड़ी बाजार था, कल आपका मोहल्ला होगा। चोर तरवेज अंसारी के लिए रोनेवाले दिल्ली में मंदिर पर हमले की घटना पर चुप क्यों है?

11. किसी  भी मजारों पर चढ़ाए गए पैसों में से लगभग 90% पैसा हिंदुओं का होता है क्योंकि हिन्दुओं के पास चाहे अपने बच्चों की फीस जमा करने के लिए पैसा हो या ना हो मगर पीर, फकीरों और मुर्दों की सड़ी हुई कब्रों पर जाकर सर फोड़ने के लिए बहुत पैसा होता है और वही पैसे हिन्दुओं को खत्म करने में उपयोग किए जाते हैं।

12. हिंदुओं की घटती संख्या एवं मुस्लिमों की बढ़ती जनसंख्या पर नियंत्रण आवश्यक है जो समान नागरिक संहिता कानून लागू करने से ही संभव है। एक राष्ट्र एक संविधान सख्ती से लागू हो। मुस्लिमों को काई बीबियां रखने की छूट ,जिससे वे अनगिनत बच्चे पैदा कर बेतहाशा जनसंख्या वृद्धि कर देश पर बोझ डालकर विकास को अवरूद्ध कर रहे हैं।

13. केंद्र सरकार को अल्पसंख्यक की परिभाषा पुनः परिभाषित करनी चाहिए एवम इसकी समीक्षा की जानी चाहिए। वास्तव में सिख,जैन, ईसाई ,बौद्ध  ही अल्पसंख्यक हैं मुसलमान नहीं। जिस इलाके में मुस्लिमों की आबादी ज्यादा और हिंदुओं की आबादी कम है, वहां मुसलमान अल्पसंख्यक किस तरह से हो सकता है? इस तरह से आम जनता के टैक्स का पैसा सब्सिडी के रूप में सुरसा के रूप में मुस्लिम हड़प रहे हैं, जो सरासर अन्याय है।

14. तरवेज के खाते में 32 लाख रुपए जमा हो गए पर शंभू रैगर के खाते को तीन लाख जमा होने के बाद ही सीज कर दिया गया। क्या  बैंक का कानून भी हिंदू मुस्लिम लिए अलग - अलग होता है? दुःख एवम आश्चर्य की बात है कि मुसलमानों द्वारा मौब लिचिंग में मारे गए हिंदुओं यथा दिल्ली के अंकित सक्सेना, ध्रुव त्यागी, प्रयागराज की हिना तलरेजा, कुंभकोणम के व्ही रमलिंगम , बड़ोदरा के मनहार वारिया, मलेरकोटला के विधु जैन, कोदुनगालुर के जीतू मोहन, पुणे के सावन राठौड़, कासगंज के चंदन गुप्ता,अलीगढ़ के ट्विंकल शर्मा के नाम पर सेक्युलर मीडिया, अवॉर्ड वापसी गैंग, संसद, वॉलीवुड खामोश है। इस दोहरे मानदंड पर चुप्पी लोकतंत्र के बहुत खतरनाक है।

15.  मस्जिद में मुस्लिम महिलाओं के प्रवेश पर हिंदू याचिकाकर्ता को सर्वोच्च न्यायालय ने खारिज करते हुए कहा कि दूसरों के धर्म में दख मत दो. फिर सबरीमाला में मुस्लिम याचिकाकर्ता की याचिका पर सुनवाई क्यों हुआ? गैर हिंदुओं को प्रवेश क्यों दिया? यह दोहरा आचरण क्यों है?

        हम चाहते हैं कि देश की संसद, न्यायपालिका, कार्यपालिका, बुद्धिजीवी वर्ग एवम जागरूक नागरिक इस महत्वपूर्ण विषय पर विचार विमर्श कर अतिशीघ्र निर्णय ले।
निवेदक -

(गोपाल प्रसाद)
सामाजिक कार्यकर्ता
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रथम वर्ष प्रशिक्षित स्वयंसेवक
मकान नंबर-210, गली नंबर-3, पाल मोहल्ला, निकट मोहनबाबा मंदिर, मंडावली,दिल्ली-110092
मोबाईल: 8178949704
वाट्सएप: 9910341785
ईमेल: sampoornkranti@gmail.com
वेबसाईट-www.gopalprasadrti.com

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