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बर्थडे को ग्रीन डे के रूप में मनाने की करें पहल

#बर्थडे को #ग्रीन डे के रूप में मनाने की करें पहल

दिल्ली विश्वविद्यालय के रामजस कॉलेज में  25 जुलाई का दिन बहुत खास था। खास क्यों ना हो जब विद्यार्थी, शिक्षक, चिकित्सक एवम एक्टिविस्ट पौधे लगाने के अभियान में एक साथ जुटा हो। खास इसलिए भी क्योंकि एक शिक्षक का मनोभाव उसे जन्मदिन में केक काटने की परंपरा के बजाय उसे वृक्षारोपण के लिए मजबूर करता है। अपने जन्मदिन को एक ऐसे परिवार के साथ मनाता है, जिसके साथ उसका खून का रिश्ता तो नहीं पर पर्यावरण संरक्षण के  अभियान का, समाज का , देश का रिश्ता है। काश कि यह भावना देश के सभी युवाओं, विद्यार्थियों,बुजुर्गों, महिलाओं का होता तो हम सबसे आगे होते। मेरा मानना है कि संपर्क, समन्वय, संवाद,सहयोग के माध्यम से हम इस मिशन को अंजाम तक पहुंचा सकते हैं। कुत्सित भावना, स्वार्थपरता और दूसरे की चिंता किए बिना अपने लिए बटोरने की भावना ने इस समाज का और इस पर्यावरण का काफी नुकसान किया है।
            महत्वपूर्ण बात यह है कि समाज अपना काम सरकार के भरोसे छोड़ कर निश्चिंत हो जाती है और सरकार अपने कार्य में शिथिलता बरतने लगती है। आज कोई जिम्मेवारी लेने के लिए ही तैयार नहीं है।क्रियान्वयन की नीयत ही नहीं होगी तो नीति कभी काम नहीं कर सकती है। जरूरत आज स्वयं के पहल करने की है तभी वृक्षारोपण अभियान क्रांति का रूप ले सकेगा। मुझे खुशी और गर्व है कि मैं डॉ. धनीराम जी के अभियान में दिल से जुड़ा हूं। एम्स रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के पूर्व संयुक्त सचिव एवम हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. कौशलकांत  इस आयोजन में दूसरे प्रमुख व्यक्ति थे, जिनके व्यक्तित्व ने मुझे सबसे प्रभावित किया। इनके बारे में जानकारी मिली कि इन्होंने न्यायालय में याचिका दायर कर बीस हजार बड़े पेड़ों को बचाया था। डॉ. धनीराम जी एवं डॉ. कौशलकांत के साथ मैं भी वृक्षारोपण करके गौरवान्वित महसूस किया। डॉ. धनीराम जी ने रामजस काॅलेज के लॉन में स्वयं लगाया हुआ पेड़ संख्या 402 से सटे नीम का पौधा सभी को  दिखाया। उस वक्त उनके चेहरे से आत्मसंतुष्टि और प्रफ्फुलित व्यक्तित्व का भाव निखर कर सामने आ रहा था।डॉ. धनीराम जी को उनके जन्मदिवस पर वृक्षारोपण करके ग्रीन डे के रूप में मनाने की भूरि भूरि प्रशंसा करते हुए रामजस काॅलेज के प्राचार्य प्रो. मनोज कुमार खन्ना ने अंगवस्त्र एवम बुके देकर सम्मानित किया।(गोपाल प्रसाद:9910341785)

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