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जानिए स्मृति ईरानी का विरोध क्यों ?

मैं स्मृति ईरानी का विरोध इसलिए करता हूं क्योंकि उनपर सांसद निधि के दुरुपयोग एवम गबन का मुकदमा  गुजरात उच्च न्यायालय में चल रहा है। गुजरात के आनंद जिले के कलक्टर ने उस राशि की रिकवरी के आदेश भी दिया है जिसे उन्होंने सांसद आदर्श ग्राम योजना के मद में एक निजी संस्थान को तय सरकारी सीमा से अधिक राशि जारी किया था। CAG  उनके अनियमितता पर आपत्ति दर्ज कर चुका है। अमेठी की मातृशक्ति उनकी सच्चाई जानने के बाद अपना आदर्श एवम अपना जनप्रतिनिधि कभी नहीं मानेगी जिसने अपनी सखी मोना के पति जुबैन ईरानी का हरण कर लिया हो और उससे तलाक करवा दिए हो, जिसने उसे शरण दिया। कृतघ्नता की पराकाष्ठा पार कर चुकी हैं तथाकथित दीदी स्मृति ईरानी जी। अमेठी की जनता को नए सिरे से विचार करना ही पड़ेगा।
# गोपाल प्रसाद आरटीआई कार्यकर्ता एवम निर्दलीय प्रत्याशी लोकसभा क्षेत्र, अमेठी
# संपर्क : अखिलेश अग्रहरि मार्केट कॉम्प्लेक्स, सगरा रोड, अमेठी
वाट्सएप : 9910341785

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एक आरटीआई एक्टिविस्ट के संघर्ष की कहानी, उसी की जुबानी

पिताजी गुरु भी थे। गरीबी, प्राइवेट ट्यूशन वगैरह करके आजीविका चलाते; परिवार चलाने के साथ-साथ सारे समाज, देश की चिंता उनका प्रमुख स्वभाव रहा। हमेशा दूसरों से कुछ अलग करने की चाह; सीमित संसाधनों में भी देश, समाज और मित्रों के लिए समय निकालना; शायद उनका यही स्वभाव मेरे मस्तिष्क में रच-बस गया, कार्यशैली का हिस्सा बन गया। छात्र जीवन बहुत फाकाकशी, गरीबी का रहा, लेकिन मेरे पिताजी ने अपने सिद्धांतों के साथ कभी समझौता नहीं किया। हमारे मकान का धरन (कड़ी) लकड़ी का था, जो टूट गया था। उसी पर पूरे छत का लोड था। मकान कब गिर जाय, कुछ ठिकाना नहीं।प्लास्टिक के टेंट लगाकर रहते थे। कभी घर में चूल्हा भी नहीं जलता था। ऐसी ही परिस्थितियों में एक बार गुल्लक तोड़ा, तो पाँच रुपए निकले। उन्हीं से दो किलो चूड़ा लाया था। उसी को भिंगोकर, नमक-मिर्च लगाकर सपरिवार ग्रहण किया। अपनी शादी बिना तिलक-दहेज के की। दो बहनों की शादी आज से बीस साल पहले दिल्ली में मात्र सत्रह हजार की मामूली रकम में ही की। दोनों बहनों की शादी एक ही तिथि में किया। हमारे समाज (अखिल भारतीय खटिक समाज) के जो राष्ट्रीय पदाधिकारी थे, उन्होंने अपना मकान पंद्…