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Showing posts from 2019

श्री अयोध्याजी की धार्मिक और ऐतिहासिक महत्त्व: गोपाल प्रसाद

श्रीअयोध्या के पवित्र रजःकणों में वैदिक धर्म के महत्त्व और आर्य जाति के गौरव का इतिहास छिपा हुआ है. मनु, इक्ष्वाकु, मान्धाता, भरत और रघु आदि धर्म धुरंधर और धीर धनुर्धर चक्रवर्ती राजर्षि जिस महाँ तपोतेजः पुंज सूर्यवंश में उत्पन्न हुए, उसकी राजधानी श्री अयोध्या ही थी. इससे अधिक उसकी क्या महिमा हो सकती है कि स्वयं भगवन मर्यादा पुरुसोत्तम श्री रामचन्द्र जी की यह जन्मभूमि है. इसी यशस्विनी अपराजिता (श्री अयोध्या) ने धर्म और ज्ञान की समुज्ज्वल ज्योति विश्व को प्रदान की है. उपर्युक्त सूर्यवंशी भरत ही वह भरत है जिनके शुभनाम से इस महादेश को भरतखंड अथवा भारतवर्ष की संज्ञा प्राप्त हुई है. श्री अयोध्या की पुण्यदा भूमि ने संसार के कितने भौगोलिक (प्राकृतिक)और ऐतिहासिक परिवर्तन देखे हैं, यह कौन कह सकता है ? हर्ष का विषय है कि अब पुरातत्वान्वेषी साहित्यिक विद्वानों का भी उस मानव इतिहास की केंद्र स्थली श्रीअयोध्या  की ओर आकृष्ट होने लगा है और उसके सम्बन्ध की ऐतिहासिक खोज की प्रवृति उनमें जागृत हो रही है.
 श्रीअयोध्याजी समस्त हिन्दू जाति का एक प्रमुख तीर्थ है. यह ब्रह्मानन्दद्रव नेत्रजा श्रीसरयूजी के दक्…

नागार्जुन की कविता में दलित चेतना का स्वर

दलित चेतना को सिर्फ प्रहार और ध्वंस ही नहीं करना है,उसे यथासंभव अपने स्रोतों से जुड़ना है और विकसित भी होना है। ढांचे में सबकी समाई होनी चाहिए- खासतौर पर विकसित चेतना के ढांचे में।

कौन केवल आत्मबल से जूझकर
जीत सकता देह का संग्राम है
पाशविकता खड्ग जो लेती उठा
आत्मबल का एक वश चलता नहीं,
योगियों की शक्ति से संसार में
हारता लेकिन नहीं समुदाय है।

*नागार्जुन की वह कविता
जो मुझे प्रिय है।*

*अभिमन्यु ने गर्भ में चक्रव्यूह में प्रवेश करने की विधि सीखी थी। हरिजन भ्रूणों ने अपने जनकों के जिंदा जलाए जाने की यातना सही। उनका भाग्य उन हथियारों से नियत हो गया, जिनसे उनके पिताओं को मारा गया था।* *हरिजन शिशु की हथेली पर उन हथियारों के निशान थे। हथेली पर निशान यानी भाग्य रेखा। उसकी हथेलियों पर ध्वज, अंकुश, कमल, चक्र के चिन्ह थे।*
"देख रहा था नवजात के
दाएं कर की नरम हथेली
सोच रहा था इस गरीब ने
सूक्ष्म रूप में विपदा झेली
आड़ी तिरछी रेखाओं में
हथियारों के ही निशान हैं
खुखरी है,बम है,असि भी है
गंडासा भाला प्रधान है।"

*# प्रस्तोता : गोपाल प्रसाद, दिल्ली*

रामधारी सिंह दिनकर के रेणुका काव्य संग्रह से

*तू पूछ अवध से राम कहां
वृंदा बोलो घनश्याम कहां
ओ मगध! कहां मेरे अशोक
वह चंद्रगुप्त बलधाम कहां

पैरों पर ही है पड़ी हुई
मिथिला भिखारिणी सुकुमारी
तू पूछ कहां इसने खोई
अपनी अनंत निधियां सारी?

री कपिलवस्तु! कह बुद्धदेव
कि वे मंगल उपदेश कहां?
तिब्बत, ईरान,जापान,चीन
तक गए हुए संदेश कहां?

वैशाली के भग्नावशेष से
पूछ लिच्छवी शान कहां
ओ री उदास गंडकी!बता
विद्यापति कवि के गान कहां?

तू तरुण देश से पूछ अरे
गूंजा कैसा यह ध्वंस राग?
अंबुधि- अन्तस्तल-बीच छिपी
यह सुलग रही है कौन आग?

#प्रस्तोता: गोपाल प्रसाद,दिल्ली

क्या आप जानते हैं कि केंद्र सरकार ने सूचना का अधिकार अधिनियम 2005में संशोधन क्यों किया?

एक ऐसी ताकत, जिसका सहारा लेकर आप किसी भी बड़े-बड़े से बड़े दबंग, बाहुबली (चाहे वह  किसी भी स्तर का अधिकारी, मैजिस्ट्रेट या जज ही क्यों ना हों) के खिलाफ उसी के द्वारा किये गये अपराधों को सामने ला सकते हैं और संवैधानिक नियम के तहत उसके किये अपराध की उसे सजा दिला सकते हैं| यह RTI (सूचना का अधिकार) देश में मौजूद एक गरीब से गरीब व्यक्ति को भी उतनी ही ताकत देता है जितनी किसी अरबपति, बाहुबली या दबंग को है| आप ये समझ कर RTI (सूचना का अधिकार) के प्रावधान को अनदेखा मत कीजिये कि, हमें क्या जरूरत है इस अधिकार की? यह तो केवल प्रोफेश्नल लोगों को जैसे NGO, सामाजिक कार्यकर्ता, वकील या RTI एक्टीविस्ट आदि की ही जरूरत है|
आपको समझना होगा कि, इस ताकत व अधिकार का उपयोग करके आप बहुत ही कम समय में, कम खर्च में व दलाली दिये बिना  अपने चलने वाले मामलों में बेहतरीन सफलता हासिल कर सकते हैं साथ ही अपनी आमदनी (स्वास्थ्य, शिक्षा जैसे साधनों में सुधार) में कई गुना वृद्धि कर सकते हैं|
अतः यह RTI कुछ गिने-चुने लोगों की ताकत नहीं है बल्कि देश के अंतिम व्यक्ति तक को इसकी ताकत का लाभ प्राप्त हो सकता है| इस RTI का अगर आप व…

राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर व्यापक विमर्श संपन्न

*इंडिया इंटेलेक्चुअल फाउंडेशन की ओर से  दिल्ली विश्वविदयालय के रामजस कॉलेज में "राष्ट्रीय शिक्षा नीति" पर व्यापक विमर्श संपन्न*
*(नई दिल्ली, 4 जुलाई,2019)*
*दिल्ली विश्वविद्यालय के रामजस कॉलेज में इंडिया इंटेलेक्चुअल फाउंडेशन की ओर से दिनांक 4 जुलाई 2019 को  "राष्ट्रीय शिक्षा नीति" विषय पर बुद्धिजीवियों ने अपने विचारों का आदान प्रदान किया।*        *इस कार्यक्रम में संस्था की पिछली गतिविधियों यथा *"परीक्षा सुधार"* *की अनुशंसा जिसे तत्कालीन कुलपति ने स्वीकार किया था, के बारे में भी बताया गया।सर्वविदित है कि नेशनल एजुकेशन पॉलिसी का ड्राफ्ट जनता के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय के वेबसाईट पर सार्वजनिक करते हुए 30 जून 2019 तक सुझाव मांगा गया था जिसे अब बढ़ाकर 31जुलाई कर दिया गया है।*  *कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए इंडिया इंटेलेक्चुअल फाउंडेशन के सचिव डॉ. धनीराम जी ने कहा कि किसी भी पॉलिसी को लागू करने के लिए निर्धारित ऑब्जेक्ट होना चाहिए, ऑब्जेक्ट को प्राप्त करने के लिए मैथड होना चाहिए।सबसे महत्वपूर्ण बात जो  इस शिक्षा नीति में नजर नहीं आती कि शिक्षा का उद्द…

भाजपा सरकार के कथनी और करनी में अंतर

मैं अगर सरकार की नाकामी गिनाना शुरू करूं तो पोस्ट लंबी हो जाएगी। क्या आप बता सकते हैं कि सत्ताधारी भाजपा अपने घोषणा , दावे और वादे पर कितना खड़ी उतरी है? केंद्र सरकार के किस विभाग में 5 साल में नियुक्तियां हुई है? कृषि,पर्यावरण, अर्थव्यवस्था, रोजगार सृजन के क्षेत्र में सरकार की उपलब्धि शून्य है। कम आय वाले वर्ग को बैंक खाते में न्यूनतम बैलेंस की अनिवार्यता ने जीना दूभर कर दिया है। देश की राजधानी दिल्ली में सीलिंग, जीएसटी ने व्यापार और कामगार दोनों का कमर तोड़ दिया है। देश के मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी नहीं मिल रही है और सरकार बड़े उद्योगपतियों को विभिन्न शब्दों के मायाजाल से छूट दिए जा रही है। किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं मिल रहा,उसके खाद्यान्न के भंडारण हेतु सुविधाएं नहीं बढ़ी। गन्ना किसानों को चीनी मिलों से बकाया नहीं मिल पा रहा, कर्ज के बोझ के कारण अभी भी किसान आत्महत्या के लिए मजबूर है।  शिक्षा,स्वास्थ्य,रेलवे का बाजारीकरण कर निजी क्षेत्र के हवाले कर दिया। साजिश के तहत सरकारी क्षेत्र की कंपनियां घाटे में चली गई और अब उसे औने पौने दामों में निजी क्षेत्र को बेची जाएगी। अकेले…

राजा संजय सिंह के भाजपा में शामिल होने के बाद अमेठी में राजनैतिक वर्चस्व की लड़ाई अब तेज होगी

क्या कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने से अमेठी के राजा संजय सिंह का  अपराध खत्म हो जाएगा? उनको समर्थन करने का मतलब है राजतंत्र का समर्थन और लोकतंत्र का विरोध। जिनके लिए नीति और सिद्धांत की कोई अहमियत नहीं हो,ऐसे आयाराम गयाराम नेताओं से क्या लोकतंत्र का कोई भला होने वाला है? इनको जनता के हक और हित से कोई लेना देना नहीं है, इसलिए इनको एवम इनकी दूसरी पत्नी अमिता मोदी उर्फ अमिता सिंह को अमेठी और सुल्तानपुर की जनता बार बार नकार चुकी है। थोक के भाव में कांग्रेसियों को भाजपा में शामिल होने से कांग्रेस और भाजपा में अंतर जानना मुश्किल हो गया है। असली नुकसान तो भाजपा के समर्पित कार्यकर्ताओं का होना है। अमेठी की जागरूक जनता को यह तय करना ही होगा कि उसका जनप्रतिनिधि दलबदलु नेता होगा या समर्पित,निष्ठावान, ईमानदार और क्रियाशील जमीनी कार्यकर्ता। अमेठी के मान - सम्मान ,स्वाभिमान, सशक्तिकरण , विकास और न्याय के लिए संकल्पित आरटीआई कार्यकर्ता गोपाल प्रसाद लोकतंत्र की रक्षा के लिए आपके साथ हमेशा रहेगा।
#गोपाल प्रसाद, निर्दलीय प्रत्याशी लोकसभा अखिलेश अमेठी अग्रहरि मार्केट कॉम्प्लेक्स, सगरा रोड, अमेठी

पुत्र हरिओम का दिल्ली विश्वविद्यालय के पीजीडीएवी (संध्या) कॉलेज में नामांकन

पुत्र हरिओम का दिल्ली विश्वविद्यालय के PGDAV(Evening) कॉलेज में नामांकन

मेरे बड़े बेटे हरिओम ने  दिल्ली विश्वविद्यालय के PGDAV(Evening) कॉलेज में पांचवीं कट ऑफ लिस्ट में अपना क्रम आने पर बीए प्रोग्राम (अर्थशास्त्र एवं राजनीति विज्ञान) में आज नामांकन कराया. समाजसेवा, लेखन एवं कार्यक्रमों की व्यस्तता के बीच बच्चों के लिए भी कभी कभार समय निकालना ही पड़ता है. नामांकन हेतु ऑनलाइन पंजीकरण के बाद कट ऑफ लिस्ट की मॉनीटरिंग और फिर कट ऑफ की श्रेणी में आने पर तुरंत कॉलेज जाकर आवेदन करने की प्रक्रिया का पालन करते हुए, शुल्क जमा करने की ऑनलाइन प्रक्रिया  हमारे लिए भी नया अनुभव था.
                                   अपनी मातृभूमि बिहार के दरभंगा जिले के टॉप सी.एम.साइंस कॉलेज में बर्ष 1987 में नामांकन के दिन याद आ गए. उस वक्त वहां के किरानी बाबू से मेरी झड़प हो गई थी, क्योंकि उन्होंने मुझसे निर्धारित फीस से 100 रूपए ज्यादा मांगे थे और मैंने अंततः नहीं दिए तथा विद्रोह का रास्ता अख्तियार किया था; परन्तु अब सब कुछ ऑनलाइन, कितना बदल गया जमाना !
                                  समाज की विभिन्न समस्याओं से …

सौर ऊर्जा कंपनी के साथ जुड़कर सशक्त होने का अवसर

भारत को विश्वगुरु बनाने के लिए कई संस्थाएं एवम व्यक्ति सक्रिय है, उन्हीं में से एक है - ऊर्जा ग्लोबल लिमिटेड नामक कंपनी जिसका ध्येय सौर ऊर्जा का अधिकतम उत्पादन कर जनता को सस्ती बिजली, स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराने के साथ साथ आर्थिक रूप से सशक्त करना है। इस कंपनी के संस्थापक जी. एन. गुप्ताजी का मानना है कि देश के हर पंचायतों में समस्या है। गाय,गोबर,जैविक उत्पाद, स्वास्थ्य,शिक्षा,पेयजल, सड़क, बेरोजगारी आदि। इसी को देखते हुए प्रत्येक शनिवार को कंपनी की ओर से मुफ्त प्रशिक्षण चलाया जा रहा है ताकि बेरोजगार युवा प्रशिक्षित होकर काम कर सके और स्वाबलंबी बन सके।परिवर्तन के दौर में हमें नई नई चुनौतियों का सामना करने हेतु तैयार रहना होगा। यहां सौर उर्जा से बिजली उत्पादन का डेमो भी दिया जाता है। सौर ऊर्जा से चलनेवाली गाड़ियों के टेस्टिंग की मुफ्त व्यवस्था भी है।कंपनी का मुख्य फोकस सौर ऊर्जा और सौर बैट्री है। कंपनी की योजना देश के सभी क्षेत्र में बेरोजगारों को प्रशिक्षित कर इसके बिजनेस मॉडल से जोड़ना है।वे कहते हैं कि आज हर आदमी नर्वस है,आत्महत्या की प्रवृति और संख्या तेजी से बढ़ रही है। जिसके पास सुव…

बर्थडे को ग्रीन डे के रूप में मनाने की करें पहल

#बर्थडे को #ग्रीन डे के रूप में मनाने की करें पहल

दिल्ली विश्वविद्यालय के रामजस कॉलेज में  25 जुलाई का दिन बहुत खास था। खास क्यों ना हो जब विद्यार्थी, शिक्षक, चिकित्सक एवम एक्टिविस्ट पौधे लगाने के अभियान में एक साथ जुटा हो। खास इसलिए भी क्योंकि एक शिक्षक का मनोभाव उसे जन्मदिन में केक काटने की परंपरा के बजाय उसे वृक्षारोपण के लिए मजबूर करता है। अपने जन्मदिन को एक ऐसे परिवार के साथ मनाता है, जिसके साथ उसका खून का रिश्ता तो नहीं पर पर्यावरण संरक्षण के  अभियान का, समाज का , देश का रिश्ता है। काश कि यह भावना देश के सभी युवाओं, विद्यार्थियों,बुजुर्गों, महिलाओं का होता तो हम सबसे आगे होते। मेरा मानना है कि संपर्क, समन्वय, संवाद,सहयोग के माध्यम से हम इस मिशन को अंजाम तक पहुंचा सकते हैं। कुत्सित भावना, स्वार्थपरता और दूसरे की चिंता किए बिना अपने लिए बटोरने की भावना ने इस समाज का और इस पर्यावरण का काफी नुकसान किया है।
            महत्वपूर्ण बात यह है कि समाज अपना काम सरकार के भरोसे छोड़ कर निश्चिंत हो जाती है और सरकार अपने कार्य में शिथिलता बरतने लगती है। आज कोई जिम्मेवारी लेने के लिए ही तैयार…

मानवाधिकार और पशु अधिकार के बीच द्वंद्व

*आवारा पशुओं के आतंक के समाधान विषय पर गोष्ठी का आयोजन संपन्न*

*मानवाधिकार और पशु अधिकार के बीच द्वंद्व*

*दिल्ली,27 जुलाई 2019)*

*दिल्ली के रामजस काॅलेज में 27 जुलाई को "आवारा पशुओं के आतंक" विषय पर  युनाईटेड रेजिडेंट्स ऑफ दिल्ली (URD)  एवम यूपीएससी सेल रामजस कॉलेज दिल्ली विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में दिल्ली नगर निगमों के साथ संवाद व जागरूकता अभियान के क्रम में  विचारमंथन गोष्ठी का आयोजन संपन्न हुआ। इस आयोजन में दिल्ली के तीनों नगर निगमों के स्थाई समिति के अध्यक्ष (दक्षिणी दिल्ली के चेयरमैन योगेन्द्र गुप्ता, पूर्वी दिल्ली के चेयरमैन संदीप कपूर, उत्तरी दिल्ली के चेयरमैन जयप्रकाश जेपी) दिल्ली के विभिन्न इलाके से आए RWA के प्रतिनिधियों एवम बुद्धिजीवियों , सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उक्त गंभीर समस्या पर अपनी चिंता जाहिर की। अपने संबोधन में सभा के संयोजक सौरभ गांधी एवं डॉ धनीराम       ने इच्छुक सभी आगंतुकों से विचार रखने का अनुरोध किया। रामजस काॅलेज के यूपीएससी सेल के अध्यक्ष डॉ. धनीराम जी ने इस महत्वपूर्ण विषय के मूल में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण एवम अवैध निर्माण के कारण हो…

मुस्लिम तुष्टिकरण एवं हिन्दुओं के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार के विरुद्ध न्याय की मांग

सेवा में,
1. श्री नरेंद्र मोदी जी
    प्रधानमंत्री भारत सरकार
    साउथ ब्लॉक, नई दिल्ली

2. श्री अमित शाह जी
     गृह मंत्री भारत सरकार
     नॉर्थ ब्लॉक, नई दिल्ली

3. श्री मोहन भागवत जी
     सरसंघचालक,
     राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ,
     रेशमबाग, नागपुर (महाराष्ट्र)

विषय : मुस्लिम तुष्टिकरण एवं हिंदुओं के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार के विरुद्ध न्याय की मांग

महोदय,
मैं आपका ध्यान उपरोक्त संदर्भ में आकृष्ट कराना चाहता हूं, जो निम्नलिखित है:-
* दिल्ली सरकार द्वारा मुस्लिमों के पर्व यथा रमजान, ईद, बकरीद के मौके पर सरकारी खर्च पर इफ्तार पार्टी एवम बड़े - बड़े विज्ञापन के माध्यम से मुस्लिम तुष्टीकरण को बढ़ावा।
2. मुस्लिम बाहुल्य इलाके में कानून तोड़ने की घटना एवं संदिग्ध आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्तता, लव जेहाद हिंदू उत्पीड़न में वृद्धि तथा चिंताजनक स्थिति के मद्देनजर सख्त मॉनिटरिंग की आवश्यकता।
3.  भारत में इस्लामी कट्टरवाद के खिलाफ श्रीलंका एवम चीन की सरकार  के निर्णय की भांति कार्यवाही की मांग।

4. दिल्ली में जामा मस्जिद के इमाम बुखारी पर लाखों के बकाए बिजली बिल की वसूली नहीं होने, कई गंभ…

दिल्ली में अतिक्रमण: समस्या एवम समाधान

*दिल्ली विश्वविद्यालय के रामजस कॉलेज में " दिल्ली में अतिक्रमण: समस्या एवम समाधान" विषय पर परिचर्चा*

*दिल्ली (2 जुलाई,2019)*

*दिल्ली विश्वविद्यालय के रामजस कॉलेज स्थित कांफ्रेंस हॉल में "दिल्ली में अतिक्रमण: समस्या एवम समाधान" विषय पर आयोजित परिचर्चा में दिल्ली के सभी नगर निगम क्षेत्र के RWA प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया , जिसमें उन्होंने दिल्ली की ज्यादातर समस्याओं का मूल कारण अतिक्रमण माना एवम अपनी चिंता जाहिर की। इसके समाधान हेतु वक्ताओं ने अपने अपने विचार प्रकट किए। कार्यक्रम के संयोजक एवं रामजस कॉलेज में बिजनेस लॉ एंड कॉरपोरेट गवर्नेंस के सहायक प्रोफेसर डॉ. धनीराम ने कहा कि पूरा रोहिणी क्षेत्र अवैध अतिक्रमण की चपेट में है। अतिक्रमणकर्ता कानून की उपेक्षा कर रहे हैं और उन्हें दंड या सजा की परवाह नहीं है क्योंकि ऐसे लोग एमसीडी, डीडीए , दिल्ली पुलिस के अधिकारियों की मिलीभगत से अपना अवैध कार्य बखूबी चला रहे हैं।*
*"सेव आवर सिटी"* *आंदोलन के संस्थापक राजीव काकड़िया ने दिल्ली क्षेत्र के RWA को जोड़कर अतिक्रमण के खिलाफ हल्लाबोल  आंदोलन की शुरुआत करने का संकल्…