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Marginal Decrease in extent of Cultivable Land,Agriculture Production has Increased: RTI


Decrease in cultivable lands of about 28 lakh hectare in last two decades and decrease in productivity of agricultural land resulting in threat to food security . In these context , it is started that as per the Seventh Schedule of the Constitution of India , land falls under the purview of the State Governments and , therefore, it is for the State Governments to bring in suitable Policy /Act/Legislation to prevent the diversion of agricultural land for non agricultural purposes. However , Ministry of Agriculture has formulated  a National Policy for Farmers-2007(NPF-2007), with a view to prevent the use of agricultural land for non agricultural purposes and  sustaining food security of the Country . The NPF-2007, envisaged that prime farmland must be conserved  for agriculture except . Under exceptional circumstances, provided that  the agencies  that  are provided with agricultural land for non agricultural projects  should compensate for treatment and full development  of equivalent  degraded/ wastelands elsewhere. Further, for  non agricultural purposes , as far as possible , land with low biological potential  for farming should be earmarked  and allocated . Accordingly , State Governments have been advised  to earmark lands with low biological potential  such as uncultivable  land , land affected by salinity, acidity etc. , for non agricultural development activities , including industrial and construction activities.
        An RTI reply by the CPIO & Under Secretary of Department of Agriculture & Coopration  B.K. Malhotra  and  originally filed by  Delhi based RTI Activist Gopal Prasad  seeking information on various issues relating to agriculture and allied sectors.
              As per available estimates, the  total area of cultivable land in the Country  has marginally decreased during last two decades , which is mainly due to increase in population and diversion of agricultural land for non agricultural purposes such as urbanization , roads, industries, housing etc. However, due to various steps taken by Ministry of Agriculture viz: intensification of implementation of missions/schemes namely , National Food Security Mission (NFSM), National Horticulture Mission (NHM)and Rashtriya Krishi  Vikas Yojana (RKVY) despite marginal decrease in extent of cultivable  land , agriculture production has increased and has also resulted in sustaining food security across the country. 

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