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हिंदुत्व के सर्वांग का प्रतिबिम्ब है सनातन पंचांग

सनातन संस्था चेन्नई द्वारा प्रकाशित वार्षिक सनातन पंचांग केवल पंचांग ही नहीं है अपितु हिंदुत्व के सर्वांग का प्रतिबिम्ब है. पंचांग के मुखपृष्ठ ईश्वरीय राज्य हिन्दू राष्ट्र के मूलतत्व (धर्मनिष्ठ, नीतिमान, निर्भय, राष्ट्राभिमानी) के बुनियाद पर जाति - प्रान्त त्यागकर धर्मबंधुत्व जाग्रत करने एवं राष्ट्रधर्म उत्कर्षार्थ हिन्दू राष्ट्र की स्थापना का सन्देश दिया गया है.
अधर्माचरण, भ्रष्टाचार, आतंकवाद, राष्ट्रद्रोह के अवरोधों को नकारते हुए हिन्दू राष्ट्र की अवधारणा का सन्देश जोशपूर्ण अंदाज में मुखपृष्ठ पर छपा है . देवताओं के सात्विक चित्र , धार्मिक त्यौहार की जानकारी के साथ-साथ धर्म जागृतिप्रद मार्गदर्शन सभी पृष्ठों पर प्रमुखता से प्रकाशित किया गया है. इस पंचांग में मकर सक्रांति पर तिल का प्रयोग व इस अवसर पर दान देने की परम्परा का भी बोध कराया गया है. सनातन संस्था एवं एस. आर. एफ. (आस्ट्रेलिया) के संयुक्त तत्वाधान में कार्यान्वित प्रकल्प की वेबसाइट www.spiritualresearchfoundation.org जिसका मूल उद्देश्य रोगों के लिए मूलभूत आध्यात्मिक कारणों पर करने योग्य उपाय, नैसर्गिक आपत्ति, मृत्यु उपरांत के जीवन आदि विषय पर आध्यात्मिक शोध व अखिल मानवजाति के लिए उपयुक्त साधना विषयक मार्गदर्शन भी इस पंचांग में दिया गया है.
चार सहस्त्र लोगों में एक शौचालय, अन्न-जल जैसी सुविधाओं के आभाव से ग्रस्त विस्थापित कश्मीरी हिन्दुओं की नरक यातना को '' हिन्दू जनजागृति समिति'' द्वारा छायाचित्र प्रदर्शनी के माध्यम से जनप्रबोधन की जानकारी भी दी गयी है. इसके अनुसार 19 जनवरी 1990 के दिन धर्मांध आतंकवादियों ने कश्मीरी हिन्दुओं को ''धर्मान्तर करो या मरने के लिए तैयार हो जाओ या अपनी स्त्रियों को यहीं रखकर चले जाओ'' जैसी धमकी दी जाने ओ अपनी रक्षा हेतु कश्मीर से निकले साढ़े चार लाख हिन्दुओं के 22 वर्षों से जम्मू और दिल्ली के शरणार्थी शिविरों में यातनामय जीवन बिताने की सनसनीखेज सच्चाई को उजागर किया है.

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