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केजरीवाल के बयान पर आपति करने के बजाय संसद की गरिमा कायम करने में दें योगदान

आरटीआई एक्टिविस्ट एसोसिएशन के महासचिव एवं सूचना अधिकार कार्यकर्त्ता
गोपाल प्रसाद ने अरविन्द केजरीवाल के भाषण पर राजनैतिक दलों के नेताओं के
अनर्गल बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. श्री प्रसाद ने कहा कि
विभिन्न राजनैतिक दलों द्वारा अपराधियों , दुष्कर्मियों एवं
भ्रष्टाचारियों को चुनाव में टिकट देकर अपना प्रतिनिधि बनाने की गलत एवं
प्रतिस्पर्धी परंपरा को रोके बिना स्वच्छ ईमानदार एवं पारदर्शी शासन की
कल्पना ही बेमानी है. राजनैतिक दलों के कथनी और करनी में कोई सामंजस्य
नहीं है. चुनाव में राजनैतिक दल घोषणा पत्र में जो दावे और वादे करते हैं
, वह जीतने पर भूल जाते हैं; जिस पर चुनाव आयोग भी बेबस है क्योंकि उसके
सीमित अधिकार हैं.सभी राजनैतिक दल कहते हैं कि वे भ्रष्टाचार ख़त्म कर
देंगे, परन्तु स्वयं पहल कोई नहीं करता और पहल किए बिना भ्रष्टाचार ख़त्म
नहीं हो सकता . आजादी के 62 साल बाद भी देश की मौलिक समस्याएँ जस की तस
हैं. बुनियादी सुविधाओं का आभाव , बेकारी , भुखमरी , मंहगाई व्
भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है और इसका मूल कारण संसद एवं विधानसभा में
ईमानदार जन प्रतिनिधियों का नहीं होना है.चारों तरफ निराशा ही निराशा है.
ऐसी स्थिति में श्री अरविन्द केजरीवाल के बयान पर आपत्ति करनेवाले, अपने
दलों कि शुचिता पर ध्यान देकर कठोर कदम उठाए होते और वर्तमान चुनाव में
केवल और केवल साफ सुथरी छवि के उम्मीदवारों को ही टिकट दिए होते तो
उन्हें ऐसे बयान देने की स्थिति ही नहीं आती.
ट्रांस्पैरेंसी इंटरनेशनल एवं इलेक्शन वाच के आंकड़ों से बिलकुल स्पष्ट हो
चुका है कि राजनैतिक दल संसद के प्रतिनिधि एवं संसद कि गरिमा के चिन्तक
भ्रष्टाचार के मूल कारणों के हल के बजाय केवल उपरी बात करने का दम भरते
हैं और वे चाहते ही नहीं है कि स्वच्छ एवं ईमानदार व्यक्ति राजनीति में
आएं , जिसके बिना राजनैतिक भ्रष्टाचार ख़त्म करने कि बात बेमानी है . इसी
कारण राईट टू रिजेक्ट बिल ये राजनैतिक दल पास नहीं होने देना चाहते.
भाजपा, कांग्रेस , सपा और राजद द्वारा अरविन्द केजरीवाल के बयान को संसद
का अपमान बतानेवाले तथा उनपर देशद्रोह का मुक़दमा दर्ज करने की मांग
करनेवालों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए गोपाल प्रसाद ने दावा
किया है कि वे सभी राजनैतिक दलों के भ्रष्टाचार एवं कुकर्मों का पर्दाफास
करते रहेंगे तथा सूचना का अधिकार कार्यकर्ताओं पर किसी भी तरह की
असंवैधानिक कृत्य पर कानून के दायरे में माकूल जबाब देंगे. सम्पूर्ण देश
में आरटीआई कार्यकर्ताओं , स्वयंसेवी संगठनों एवं क्रांतिकारी शक्तियों
को आज एकत्रित होकर अन्ना हजारे एवं अरविन्द केजरीवाल के सभी सकारात्मक
आन्दोलन में कदम से कदम मिलकर चलेंगे .श्री प्रसाद ने कहा है कि अब आरपार
की लडाई ही बाकी बची है और हमलोग उसके लिए तैयार हैं . उन्होंने कहा की
संसद की गरिमा कायम करने हेतु हमलोग भ्रष्टाचार के खिलाफ इस लडाई में
उन्हें अपने जीवन का मोह नहीं है क्योंकि वास्तव में हमलोग अंग्रेजों की
गुलामी से आजाद होकर भ्रष्ट राजनेताओं , अफसरों व कॉर्पोरेट के गुलाम हो
गए हैं , जिसके विरुद्ध जंग स्वाभाविक है.
"समर शेष है नहीं पाप का भागी केवल व्याध ,
जो तटस्थ है समय लिखेगा उसका भी अपराध."

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