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केन्द्रीय कृषि मंत्री हरीश रावत ने 16 महिला रत्नों को सम्मानित किया
















‘‘विश्व मित्र परिवार’’ संस्था की अंगीभूत इकाई ‘‘विश्व महिला परिवार’’ द्वारा विश्व महिला दिवस के अवसर पर ;आजाद भवन, आईसीसीआर, आईटीओ, नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम के अवसर पर केन्द्रीय कृषि राज्यमंत्री हरीश रावत ने राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत 16 महिलाओं को उनके उत्कृष्ट योगदान हेतु सम्मानित किया। गुजरात की श्रीमती संस्कृति रानी देसाई को अत्याध्ुनिक बहुमुखी विचार प्रवाहिका के रूप में तथा मुंबई (महाराष्ट्र) की डॉ. अलका ईरानी को अत्याधुनिक सूचना तकनीक के आलोक में ‘‘विलक्षण महिला रत्न’’ से एवं उत्तर प्रदेश से डॉ. पल्लवी मिश्रा को उच्च शिक्षा व समाज सेवा, झुंझनू (राजस्थान) की श्रीमती रूक्मणी भेड़ा को समाज सेवा के आलोक में ‘‘समाजरत्न’’ सम्मान से सम्मानित किया गया। छत्तीसगढ़ की डॉ. विभा दूबे को समाज सेवा, मुंबई (महाराष्ट्र) की श्रीमती तारा सिंह को साहित्य सेवा, उड़ीसा की श्रीमती जयंती साहू को समाजसेवा, दिल्ली की साध्वी श्रीकृष्णप्रिया डॉ. अंजू को भारतीय विद्या पर शोध, श्रीमती रमेश कुमारी भारद्वाज तथा श्रीमती रामवती, बिहार की श्रीमती सीमा कुमारी का शिक्षा एवं समाजसेवा, दिल्ली की पहली महिला ऑटो ड्राईवर सुश्री सुनीता चौध्री को चुनौतीपूर्ण कार्यक्षेत्र चुनने, राजस्थान की श्रीमती विद्या पुरोहित को महिला एवं बाल कल्याण, आसाम की श्रीमती अफसाना बेगम को समाजसेवा पाथ र्फाइंडर वेलफेयर सोसाइटी दिल्ली से जुड़ी श्रीमती नीलम व सुनीता को शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान हेतु ‘‘महिला रत्न’’ सम्मान से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर केन्द्रीय कृषि राज्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि यह गौरव की बात है कि विश्व महिला दिवस के अवसर पर देश के विभिन्न क्षेत्रों में जाति, धर्म, संप्रदाय, क्षेत्रवाद एवं दलगत राजनीति से ऊपर उठकर उत्कृष्ट योगदान हेतु अग्रणी भूमिका निभाने वाली 16 महिलाओं को भारतीय संस्कृति के संरक्षण में कार्यरत संस्था विश्व मित्र परिवार की अंगीभूत इकाई विश्व महिला परिवार के माध्यम से सम्मानित करके मुझे कापफी प्रसन्नता हो रही है देश भर से आए 148 नामांकन में से 16 महिलाओं के निष्पक्ष चुनाव हेतु संस्था की निर्णायक मंडली धन्यवाद की पात्र है। विश्व मित्र परिवार संस्था निरंतर रूप से प्रतिभाओं को खोजने, मूल्यांकन करने एवं सम्मानित करके राष्ट्र के सशक्तिकरण हेतु प्रमुख आधर स्तभं बनाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही है। वास्तव में नारी को सशक्त एवं सम्मानित करके ही राष्ट्र को सशक्त किया जा सकता है। उक्त अवसर पर संस्था के संस्थापक अध्यक्ष एवं तरंग मीडिया प्रा. लि. के निदेशक ‘भू त्यागी भारतीय’ने कहा कि केवल भारतीय महिलाएं ही समस्त विश्व की रक्षक ‘‘वसुध्ैव कुटुम्बकम’’ वाली भारतीय संस्कृति को पुनः विश्वव्यापी बनाकर विध्वंसक बारूद के ढेर पर बैठी विश्व की मानव सभ्यता को बचा सकती है। संस्था की अध्यक्ष भावना त्यागी ने इस अवसर पर कहा कि भारतीय वैज्ञानिक संस्कृति, सभ्यता, भारतीय विद्याएं, जैविक एवं गौधन द्वारा कृषि, पर्यावरण, वृक्षारोपण, अहिंसा एवं जीव दया, अहिंसा, शाकाहार, सामाजिक, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा, आयुर्वेद एवं भारत की सभी चिकित्सा पद्धति, राजनैतिक, प्रशासनिक, कला, साहित्य, अहिंसा, शाकाहार, साहित्य, लोक कला, दूरदर्शन ;टी.वी. चैनल), पत्रकारिता, प्रकाशन, शिक्षा, प्रशिक्षण, संचार, सूचना, राष्ट्र भाषा संवर्धन, उद्यमिता, व्यवसाय, एवं सांस्कृतिक जगत के मूर्धन्य महिला हस्ताक्षरों की उपस्थिति ने हमें उत्साहित किया है। उपरोक्त सभी विषयों पर प्राचीन से अर्वाचीन तक महिलाओं द्वारा किये गये रचनात्मक कार्य, संघर्ष, सपफलता, साहसिक कार्यों से सम्बंधित एवं देशभक्त महिला बलिदानियों के चरित्र, कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर एक स्मृति-अंक का प्रकाशन किया जायेगा। इस अंक को अधिकाधिक संख्या में जन-जन तक पहुँचाने की आवश्यकता है, क्यांेकि आज भारतीय स्वाभिमान, सभ्यता, संस्कृति, मानसिकता, राष्ट्र भाषा, एवं समस्त क्षेत्रीय भाषाओं का पाश्चात्य सभ्यता, संस्कृति द्वारा अपमान हो रहा है। यह समस्त विश्व के लिए घातक है। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि एवं अकावि के कुलाधिपति डॉ. मदन मोहन बजाज ने कहा कि परित्यक्त महिलाओं एवं किन्नरो को समाज में सम्मान मिलना अनिवार्य है। उक्त अवसर पर हुए रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण पर केन्द्रित प्रतिभा विकास गुरूकुल द्वारा प्रस्तुत नृत्य एवं गायन के माध्यम से सरस्वती व गणेश वंदना, शिक्षा भारती पब्लिक स्कूल द्वारा प्रस्तुत लद्दाख नृत्य को दर्शकों ने कापफी सराहा। कार्यक्रम की अध्यक्षता अंतर्राष्ट्रीय कामधेनु विश्वविद्यालय के कुलाधिपति मदनमोहन बजाज तथा मंच संचालन कमल शर्मा ने किया। संस्था के निर्णायक मंडल में गोपाल प्रसाद (आरटीआई एक्टिविस्ट), नरेश शर्मा (कॉरपोरेट व फायनांसियल एडवाइजर), अभय सिंह, श्रीमती ऋतु सिंह, उद्योगपति एवं निर्यातक वी. सी. जैन, बाबा रामकृष्णदेव तोमर, उद्योगपति एवं समाजसेवी लक्ष्मी नारायण मोदी, समाजसेवी दीपक भारद्वाज, हृदेश पचौरी, राष्ट्रीय खिलाड़ी भावना पचौरी, सुश्री ज्योति, विपिन, एवं आशीष गुप्ता आदि की उल्लेखनीय भूमिका रही। इस कार्यक्रम में एक नन्ही बालिका द्वारा प्रस्तुत काव्य धरा में श्रोतागण भावविह्नल हो गएः-मैं ही माँ मैं ही बेटी फिर भी ना जाने क्यूँ इस संसार में आने से रोकी जाती हूँ।मैं ही बहन मैं ही पत्नीमैं ही जगत जननी कहलाती हूँफिर भी ना जाने क्यूँ इस संसार मेंआने से रोकी जाती हूँ।मैं ही लोरी मैं ही गीत सुनाती हूँमैं ही उंगली पकड़ चलना सिखाती हूँफिर भी न जाने क्यूँ इस संसार में आने से रोकी जाती हूँ।मैं ही इंदिरा, मैं ही कल्पना, मैं ही प्रतिभा पाटिल कहलाती हूँ।मैं ही घर, राज्य और देश चलाती हूँ।

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