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सत्यवती कॉलेज (प्रातः )में आरटीआई आवेदन लेने से इंकार एवं कॉलेज स्टाफ द्वारा दुर्व्यवहार

मैं गोपाल प्रसाद आरटीआई के माध्यम से "भ्रष्टाचार विरोधी अभियान " चला रहा हूँ .विगत चार महीनों से मैं सत्यवती कॉलेज में जिन्दा पेड़ों की अवैध कटाई, कॉलेज के निर्माण कार्य व खर्च में विभिन्न अनियमितताओं के विरुद्ध कई आरटीआई के माध्यम से काफी जानकारी हासिल कर चुका था . अभी हाल ही में कॉलेज के जनसूचना अधिकारी ने मुझे आरटीआई प्रश्नों के उत्तर हेतु 218 रु. जमा कर सम्बंधित कागजात प्राप्त करने हेतु पत्र लिखा था .उसी सन्दर्भ में दिनांक 3 फ़रवरी 2011 को दोपहर 3 .30 बजे मैं अपने मित्र श्री अनिल मित्तल एवं सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती नंदा सावंतजी के साथ कॉलेज आया था .कॉलेज के एक अधिकारी ने मुझे रकम जमा करने हेतु कॉलेज का अकाउंट नंबर लिखाया .कॉलेज प्रांगन में स्थित पीएनबी में मैं रकम जमा कर रसीद हासिल की और कागजात प्राप्त करने , एक नया आरटीआई आवेदन एवं एक शिकायती पत्र प्राप्ति करने का अनुरोध जब कॉलेज के लेखाधिकारी श्री इकरार खान से किया तो उन्होंने लेने से इंकार कर दिया . उस वक्त प्राचार्य (प्रातः),प्रशासनिक अधिकारी (प्रातः)का कार्यालय बंद था और आवेदन प्राप्त करने वाले अधिकांश कर्मचारी 3 .45 बजे दोपहर को अनुपस्थित थे , जबकि कॉलेज की कार्यावधि 5 बजे तक है .यहाँ पन्नी नमक स्टाफ बीडी पीते हुए आये और आदेशात्मक लहजे में कहा की आपका आरटीआई आवेदन हमलोग स्वीकार नहीं करेंगे , ऐसा हमारे प्राचार्य का सख्त आदेश है . हमारे साथ गए श्री अनिल मित्तल ने जब उनके बीडी पीने पर आपति जताई तथा एक महिला कर्मचारी से प्रश्न किया की आप लोग इसका विरोध क्यों नहीं करते हैं तो महिला कर्मचारी ने आश्चर्यजनक तरीके से इसे नकार दिया . पन्नी द्वारा आवेदन अस्वीकार कैअने की स्थिति में ही मैं अपना आवेदन लेखा शाखा में श्री इकरार खान को देने गया था , जिस पर उन्होंने भी आरटीआई आवेदन लेने से इंकार कर दिया .मेरे द्वेअ प्रश्न किये जाने एवं विरोध करने पर उन्होंने सर्वप्रथम अपने कार्यालय के दरवाजे की छिटकनी बंद कर दी और कुछ कर्मचारियों ने मेरे ऊपर हमला कर दिया तथा गली गलौज करने लगे . हमारे साथ आई श्रीमती नंदा सावंत के कपडे को फाड़ दिया .जब नंदा सावंत ने कड़े लहजे में इसका प्रतिकार करना शुरू कर दिया तो कर्मचारीगण धमकी देते हुए कहा की हम तुम्हारी जिंदगी तमाम कर देंगे .मैंने और अनिल मित्तल जी ने 100 नं पर कॉल कर पुलिस को इत्तला दी और तब इनलोगों ने दरवाजा खोल दिया .
उक्त सारे प्रकरण का मूल कारण मेरे द्वारा कॉलेज में व्याप्त अनियमितताएं व 35 जिन्दा पेड़ों को काटे जाने के मामले को आरटीआई द्वारा हासिल करने का है . इस कॉलेज में विद्यार्थियों के विभिन्न मदों की राशि अन्य मदों में स्थानांतरित करके लूटी जा रही है . प्राचार्य और कुछ अधिकारियों की संलिप्तता के कारण ही सोचीं समझी साजिश के तहत हमलोगों के साथ उक्त घटना घटित हुई है . अपने आरटीआई आन्दोलन में पहली बार मुझे इस तरह के हादसे का सामना करना पड़ा है , परन्तु विद्याथियों के हक ,पर्यावरण की रक्षा , पारदर्शिता एवं भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था हेतु हमारा अभियान और अधिक तेजी से गतिशील होगा , चाहे उसके लिए मेरी जान क्यों न चली जाये. भ्रष्टाचार की आवाज़ को दबाने एवं हमारे साथ दुर्व्यवहार करने वालों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कानून सम्मत कारवाई की जाए ताकि कानून की रक्षा हो सके तथा मुझे न्याय मिल सके .

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गोपाल प्रसाद (आरटीआई एक्टिविस्ट )
मकान नं -210 , गली नं.-3
पाल मोहल्ला ,निकट मोहन बाबा मंदिर
मंडावली ,दिल्ली -110092
मो. -9540650860 ,9289723144
ईमेल : gopal .eshakti @gmail .com
ब्लॉग : http://sampoornkranti.blogspot.com

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