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मिथिला राज्य के लिए जंतर मंतर पर धरना

प्रो० उदय शंकर मिश्र, मिथिला राज्य संघर्ष समिति के केन्द्रीय महासचिव ने कहा मिथिला राज्य आन्दोलन की पहली आवाज १९०५ ई० में काशी (उ० प्र०) में म० म० पं० मुरलीधर झा ने उठाया था । उन्होंने बंगाल का बँटवारा कर बिहार राज्य के पुर्नगठन का विरोध किया था उन्होंने मिथिला राज्य के ऐतिहासिकता के आधार पर मिथिला राज्य के पुर्नगठन का विरोध किया था । उन्होंने मिथिला राज्य के एतिहासिकता के आधार पर मिथिला राज्य के पुर्नगठन की माँग की थी । १९५० के दशक में पं० जानकी नन्दन सिंह, डा० लक्ष्मण झा के नेतृत्व में राज्य पुर्नगठन आयोग के समक्ष मैथिली भाषा के आधार की सीमा की चर्चा महाविष्णु पुरआण एवं जार्ज अब्राहम ग्रीयर्सन के आधार पर नेपाल के ९ जिले एवं भारतीय क्षेत्र में दरभंगा प्रमण्डल, तिरहुत, मुँगेर, कोशी, पूर्णियाँ, भागलपुर प्रमण्डल समेत झारखण्ड के दुमका प्रमण्डल को रखा गया है । हमलोग भारतीय संविधान के अन्तर्गत भारतीय क्षेत्र में पड़नेवाले मिथिला के भाग को मिथिला राज्य के पुर्नगठन की माँग करते हैं ।
प्रो मिश्र ने कहा कि सर्वागीण विकास एवं खासकर आर्थिक विकास के लिए मिथिला राज्य के पुनर्गठन की माँग करते हैं । बाढ़ समस्या का सम्पूर्ण समाधान, पनबिजली का निर्माण, बंद चीनी मिल, पेपर मिल, जूट मिल, सूता मिल, आदि को चालू करना एवं नये मिल में आम लिची, केला, मखाना, मछली डयेरी, मधुमक्खी पालन उद्योग आलू के चिप्स एवं चावल, चूरा आदि अन्य नये मिलों को चालू करना वैज्ञानिक ढंग की खेती, एम्स, आई०आई०टी०, आई० आई० एम० , एजूकेशनल हब की स्थापन असमेत रेल कारखाना, रक्षा उद्योग की स्थापना करना ही मिथिला राज्य का लक्ष्य है । मैथिली भाषा को राज-काज की भाषा के रूप में मान्यता संविधान की धारा ३४५, ३४६, ३४७ के मुताबिक करना एवं प्राथमिक शिक्षा से लेकर एम०ए० पी-एचोडी०, डी०लिट० तक पढ़ाई की सुचारू व्यवस्था करना । बिहार एवं केन्द्रीय स्तर पर (सी०बी०एस०ई०) पाठ्‌यक्रम में मैथिली की पढ़ाई एवं शिक्षकों की नियुक्‍ति भारत सरकार एवं बिहार सरकार को तुरंत करना चाहिए । मैथिली आठवीं अनुसूची में मान्यता पा चुकी है, इसलिए इस माँग को तत्काल पूरा करना मिथिला राज्य आंदोलन का लक्ष्य है ।
प्रो० मिश्र ने कहा १३२५ ई० तक मिथिला स्वतंत्र देश था । लगभग ७०० वर्षों से मिथिला गुलाम है । हमलोग यहाँ के विकास के लिए भारतीय क्षेत्र में मिथिला राज्य के पुर्नगठन की माँग तत्काल करते हैं क्योंकि यह माँग बहुत पुराना है, अगर पूरा नहीं किया गया तो यहाँ असंतोष भरकेगा, जिससे क्षेत्र में हिंसक आन्दोलन भी हो सकता है । तेलंगाना राज्य के साथ ही मिथिला राज्य का पुर्नगठन होना चाहिए ।

चुनचुन मिश्र (अध्यक्ष)
उदयशंकर मिश्र (महासचिव)

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