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इनका कहना है

“कश्मीर समस्या के समाधान में जम्मू-कश्मीर के इतिहास और भूगोल को ध्यान में रखा जाएगा । भारत की अन्य समस्याओं के समाधान की यहां नकल नहीं की जा सकती । ”
- पी. चिदंबरम, गृहमंत्री

“मध्यप्रदेश को एक उचित शिल्पकार की जरूरत है । इसके अभाव में प्रदेश आज भी पिछड़ा हुआ है । यहां का निवेश बाहर जा रहा है । और प्रतिभाएं भी पलायन कर रही हैं । ”
- ज्योतिरादित्य सिंधिया, केन्द्रीय वाणिज्य राज्यमंत्री

“पाकिस्तान अगर बहुत छोटा देश है, तो राहुल गांधी बताएं कि मनमोहन सिंह ने मिस्र में पाक के प्रधानमंत्री के साथ जारी संयुक्‍त बयान में बलूचिस्तान को शामिल करने की शर्मनाक चूक क्यों की ।”
- रविशंकर प्रसाद, भाजपा प्रवक्‍ता

“यहां दो भारत हैं । एक में मूलभूत सुविधाएं और अवसर हैं, जबकि दूसरा गरीबी से जूझ रहा है । कांग्रेस का प्रयास है कि उन्हें विकास से जोड़ा जाए ताकि सभी समृद्ध हो सकें । ”
- एके एंटनी, रक्षा मंत्री

“लोग सैकड़ों फिल्मों में काम करने वालों को याद नहीं रखते । मैनें तो चंद ही फिल्मों में काम किया, पर वे फिल्में इंडस्ट्री में मील का पत्थर साबित हुईं । इसी का परिणाम है कि मुझे स्वतंत्र पहचान मिली । ”
- आशुतोष राणा, अभिनेता
“मेरे पास फोन टैप किया जा रहा है । मुझे पूरा यकीन है कि इसके लिए केंद्र सरकार ने इजाजत नहीं दी है । यह राज्य सरकार कर रही है । पिछले दो-तीन सालों से ऐसा हो रहा है । ”
- ममता बनर्जी, केंद्रीय रेलमंत्री

“मेरी कलमाड़ी के साथ सार्वजनिक बहस में उलझने की कोई इच्छा नहीं है । दोषारोपण का खेल खेलने की जगह सभी संबंधित पक्षों को एक साथ मिलकर खेलों के सफल आयोजन को अंजाम देना चाहिए ।
- माइक हूपर, राष्ट्रमंडल खेलों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी

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वर्तमान में शिक्षा का उद्देश्य

शिक्षा का प्रथम उद्देश्य बच्चों को एक परिपक्व इन्सान बनाना होता है, ताकि वो कल्पनाशील, वैचारिक रूप से स्वतन्त्र और देश का भावी कर्णधार बन सकें, किन्तु भारतीय शिक्षा पद्धति अपने इस उद्देश्य में पूर्ण सफलता नहीं प्राप्त कर सकी है, कारण बहुत सारे हैं । सबसे पहला तो यही कि अंगूठाछाप लोग डिसा‌इड करते हैं कि बच्चों को क्या पढ़ना चाहिये, जो कुछ शिक्षाविद्‍ हैं वो अपने दायरे और विचारधारा‌ओं से बंधे हैं, और उनसे निकलने या कुछ नया सोचने से डरते हैं, ऊपर से राजनीतिज्ञों का अपना एजेन्डा होता है, कुल मिलाकर शिक्षा पद्धति की ऐसी तैसी करने के लिये सभी लोग चारों तरफ से आक्रमण कर रहे हैं, और ऊपर से तुर्रा ये कि ये सभी लोग समझते हैं कि सिर्फ वे ही शिक्षा का सही मार्गदर्शन कर रहे हैं, जबकि दर‌असल ये ही लोग उसकी मां बहन कर रहे हैं । मैं किसी एक पर दोषारोपण नहीं करना चाहता, शिक्षा पद्धति की रूपरेखा बनाने वालों को खुद अपने अन्दर झांकना चाहिये और सोचना चाहिये, कि क्या उसमें मूलभूत परिवर्तन की जरूरत है। आज हम रट्टामार छात्र को पैदा कर रहे हैं, लेकिन वैचारिक रूप से स्वतन्त्र और परिपक्व छात्र नहीं, क्या यही हमा…

राजनीति में भ्रष्टाचार

भ्रष्टाचार और राजनीति का एक गहरा संबंध है । जहां हम विकास की एक नई गाथा को रचने का सपना संजोए हुए हैं वहीं दुनिया के सामने हमारी गरीबी की सच्चाई को स्लमडॉग मिलेनियर जैसी फिल्मों के सहारे परोसा जा रहा है । आज हम भ्रष्टाचार के मामले में बंग्लादेश, श्रीलंका से भी आगे हैं ।
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